Class- B. Ed. IV sem

Subject - Gender &school society

Compiled by- Dr. Deepa vats

महिला या लड़कियों की शिक्षा तक असमान पहुँच एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो कई देशों और समुदायों में आज भी बनी हुई है। इसका अर्थ है कि लड़कियों को शिक्षा प्राप्त करने के समान अवसर नहीं मिल पाते, जबकि  शिक्षा उनका मूल अधिकार है।
असमान पहुँच के प्रमुख कारण

सामाजिक और सांस्कृतिक मान्यताएँ

 – कई जगहों पर लड़कों की शिक्षा को प्राथमिकता दी जाती है और लड़कियों को घरेलू कार्यों तक सीमित कर दिया जाता है।

गरीबी – सीमित संसाधनों वाले परिवार अक्सर बेटों की पढ़ाई पर खर्च करना अधिक उचित समझते हैं।

बाल विवाह – कम उम्र में विवाह होने से लड़कियों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है।

सुरक्षा और परिवहन की कमी – स्कूल दूर होने या रास्ते असुरक्षित होने से लड़कियाँ पढ़ाई छोड़ देती हैं।

शैक्षणिक सुविधाओं की कमी – अलग शौचालय, स्वच्छता सुविधाएँ और महिला शिक्षकों का अभाव भी बाधा बनता है।

प्रभाव
महिलाओं में साक्षरता दर कम रह जाती है।
रोजगार के अवसर सीमित हो जाते हैं, जिससे आर्थिक निर्भरता बढ़ती है।
स्वास्थ्य, पोषण और बच्चों की शिक्षा पर नकारात्मक असर पड़ता है।
समाज का समग्र विकास धीमा हो जाता है।

समाधान

लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकारी योजनाएँ और छात्रवृत्तियाँ।

सामाजिक जागरूकता और सोच में बदलाव।

स्कूलों में सुरक्षित वातावरण और बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित करना।

बाल विवाह और भेदभाव के खिलाफ कड़े कानूनों का पालन।

निष्कर्ष

महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा तक समान पहुँच न केवल उनके सशक्तिकरण के लिए, बल्कि पूरे समाज के विकास के लिए आवश्यक है। जब लड़कियाँ शिक्षित होती हैं, तो एक स्वस्थ, समृद्ध और समान समाज का निर्माण होता है।

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